3 State के Hotspot place की हकीकत, दिल्ली में 60वें तो यूपी में 79वें व्यक्ति की हो रही कोरोना जांच


घनी आबादी वाले दिल्ली, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के हॉटस्पॉट क्षेत्रों से कोरोना संक्रमण की जांच के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन तीन राज्यों की 41 लाख 47 हजार 606 आबादी वाले 423 हॉटस्पॉट में मात्र 51 हजार 912 लोगों की जांच की गई। दिल्ली के 89 हॉटस्पॉट में हर 60वें और उत्तरप्रदेश में 322 कंटेनमेंट जोन में हर 79वें व्यक्ति का नमूना लिया गया। जबकि उत्तराखंड में हर 256वें व्यक्ति का सैंपल जांच के लिए भेजा गया।

दिल्ली सरकार के मुताबिक,  राष्ट्रीय राजधानी में 90 से ज्यादा कंटेनमेंट क्षेत्र बनाए गए हैं। इनमें से 89 क्षेत्रों की 3 लाख 42 हजार की आबादी में सिर्फ 5619 लोगों के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए गए। यानी 60 लोगों में से सिर्फ एक व्यक्ति का सैंपल लिया गया।

हर संक्रमित की पुष्टि के लिए 12.6 टेस्ट 


दिल्ली में कुल 30 हजार टेस्ट करने के बाद 2376 लोग संक्रमित मिले। करीब 12.6 टेस्ट करने पर एक संक्रमित मिला। वहीं, देश का औसत 25 टेस्ट का है। टेस्ट के मामले में महाराष्ट्र की स्थिति दिल्ली से बेहतर है। यहां 89 हजार 197 टेस्ट करने के बाद 5619 लोग कोरोना संक्रमित मिले। इसका मतलब यह है कि हर 15 टेस्ट पर यहां एक संक्रमित मरीज मिला।

  • 10 लाख की आबादी पर 1500 जांच


दिल्ली की दो करोड़ की आबादी के हिसाब से यहां हर 10 लाख की आबादी पर अब तक करीब 1500 टेस्ट किए गए हैं। अभी तक 30 हजार से ज्यादा सैंपल में से 27600 की रिपोर्ट आ चुकी है। तीन हजार से ज्यादा सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है।

  • उत्तर प्रदेश में 45483 लोगों की जांच 


उत्तरप्रदेश में गुरुवार तक 322 हॉटस्पाट चिन्हित किए गए थे। यहां की 35,97,906 की कुल आबादी में 45,483 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 1510 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 478 नमूनों के परिणाम आने अभी बाकी हैं। उधर, प्रदेश की सीमाओं पर बनाए गए जांच केंद्रों पर अब तक 15 लाख 58 हजार 108 प्रवासी मजदूरों और लोगों की भी जांच की गई। इनमें से 15980 मजदूरों में कारोना के लक्षण तो नहीं पाए गए, पर इन्हें संदिग्ध माना जा रहा है।

उत्तराखंड में मात्र 810 नमूने लिए गए
उत्तराखंड में 2,07,700 की आबादी वाले कुल 11 हॉट स्पॉट में अभी तक 810 लोगों के सैंपल जांच के लिए जमा किए गए हैं। इनमें से 47 संक्रमित पाए गए हैं। जबकि पूरे राज्य में अब तक 4767 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 4239 केस निगेटिव आए हैं। 327 सैंपल की रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।

एम्स के पूर्व निदेशक एमसी मिश्रा ने कहा कि रैपिड टेस्टिंग का निर्णय हर राज्य में संक्रमण दर, उस हॉटस्पॉट में पहले मामले और वहां की आबादी समेत तमाम कारणों पर निर्भर करती है। ऐसे में दिल्ली के हॉटस्पॉट में अगर हर 60वें व्यक्ति की सैंपलिंग हो रही है और यूपी में 79वें व्यक्ति की सैंपलिंग हो रही है तो इसे संतोषजनक माना जा सकता है।

Uttarakhand News

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