Uttarakhand News: Fake police Constable बन घूम रहा युवक पुलिसवालों को दिखा रहा था रौब, गिरफ्तार


लॉकडाउन में फर्जी दारोगा बनकर घूम रहे युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


 युवक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फटकार लगाता घूम रहा था। कई दिनों से यह खेल चल रहा था। गुरुवार रात को ज्वालापुर पुलिस ने अहबाबनगर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से नकली पिस्टल, दारोगा की वर्दी के अलावा फर्जी वायरलेस सेट और एक बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने सभी को सीज कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी दारोगा बनने का शौक था, इसलिए वह फर्जी दारोगा बना था।

पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से मिर्जापुर इलाहाबाद निवासी जयनेंद्र सिंह (25) पुत्र सुधाकर सिंह परिवार के साथ रोशनाबाद सिडकुल में रहता है। बीते कुछ दिनों से जयनेंद्र दारोगा के कपड़े पहनकर अपने घर रोशनाबाद से बाइक पर सवार होकर निकलता था। गुरुवार को जयनेंद्र बैरियर और गश्त पर मिले सिपाहियों को फटकार लगाता हुआ ज्वालापुर पहुंचा। ज्वालापुर अहबाबनगर में संदेह होने पर कुछ पुलिसकर्मियों ने जयनेंद्र को रोक लिया। सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव मौके पर पहुंचे। दारोगा के कपड़े पहने हुए जयनेंद्र से पूछताछ शुरू हो गई। आईडी कार्ड मांगा तो दरोगा ने अपने आप को पीएचक्यू (पुलिस मुख्यालय) से आया स्पेशल ऑफिसर बताया। जब कुछ सवाल पूछे गए तो जयनेंद्र जवाब नहीं दे पाया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो युवक ने पूरी कहानी बयां कर दी।

जयनेंद्र में बताया कि वो पुलिस में जाने का शौक रखता था। इसी कारण दारोगा बनकर सड़कों पर निकल रहा था। बताया कि वो बीते कई दिनों से रानीपुर, सिडकुल, ज्वालापुर के इलाकों में घूम रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी के पास से वर्दी, नकली पिस्टल, बाइक और फर्जी वायरलेस सेट बरामद किया है। सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।

घरवालों को बताया था कि वह दरोगा बन गया


जयनेंद्र ने घरवालों को झूठ बोला था कि वह उत्तराखंड पुलिस में दारोगा है। बीटेक की पढ़ाई खत्म करने के बाद जयनेंद्र ने बताया था कि वह पांच माह पहले ही पुलिस में भर्ती हुआ है। इन दिनों लॉकडाउन होने के कारण ड्यूटी बढ़ गई है। परिवार वाले उसे दारोगा ही मानते थे। अक्सर जयनेंद्र इसी तरह तैयार होकर घर से निकला करता था।

नहीं की उगाई


पुलिस ने फर्जी दारोगा से कई घंटे तक उगाई को लेकर पूछताछ की। लेकिन आरोपी ने एक भी जगह से उगाई नहीं की थी। पिछले कुछ दिनों पहले एक सिपाही ने ही पुलिस को शिकायत की थी कि एक ऐसे दरोगा घूम रहा है जिनको कभी नहीं देखा है।

पिता विकास भवन में चालक
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता कई सालों से हरिद्वार में ही हैं। आरोपी के बयानों के अनुसार उसके पिता विकास भवन रोशनाबाद में चालक हैं।

कोतवाल का नाम न बताने पर फंसा
आरोपी लॉकडाउन के दौरान रोज दारोगा के कपड़े पहनकर घर से निकलता था। रात को पकड़े जाने के बाद जब कोतवाली प्रभारी ने पुलिस की आईडी न दिखाने पर सवाल जवाब किये तो आरोपी फंस गया। जयनेंद्र ने अपने आप को देहरादून पीएचक्यू से आने की बात कही थी। जब देहरादून सिटी कोतवाली के कोतवाल का नाम पूछा तो आरोपी फंस गया। आरोपी नाम नहीं बताया पाया और पुलिस ने जयनेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।

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