Uttarakhand में गुरुवार को सामने आए 69 Corona संक्रमित, 2691 हुई मरीजों की संख्या



प्रदेश में गुरुवार को 20 करोना संक्रमित मरीज मिले, वहीं पांच संक्रमित लोगों की मौत हुई है


गुरुवार को प्रदेश में 69 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2691 पहुंच गई है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, ऊधमसिंह नगर में 11, देहरादून में चार, हरिद्वार और पौड़ी में दो-दो, टिहरी जनपद में एक संक्रमित मामला सामने आया है। ऊधमसिंह नगर में एक स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। जबकि अन्य सभी संक्रमित मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री है। 





गलत जानकारी देने पर कोरोना पॉजिटिव युवक और भाई के खिलाफ मुकदमा


उत्तरकाशी में संस्थागत क्वारंटीन से बचने के लिए झूठ बोलकर जिले में प्रवेश करने और तथ्य छिपाने को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बीते 23 जून को कोरोना पॉजिटिव पाए गए डुंडा प्रखंड के एक युवक और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही होम क्वारंटीन के शुरूआती पांच दिनों में घर से बाहर आसपास की बस्ती में घूमने के कारण इस पूरी बस्ती को कंटेनमेंट जोन बनाकर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। बता दें कि बाहरी राज्यों से लौट रहे कई प्रवासी संस्थागत क्वारंटीन से बचने के लिए झूठ बोलने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।

 जिससे समुदाय में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा मंडराने लगा है। बीते 15 जून को दिल्ली सेेì चलकर देहरादून पहुंचे युवक को लेने के लिए उत्तरकाशी से उसका भाई देहरादून गया। 16 जून की देर रात यह दोनों भाई नगुण चिन्यालीसौड़ पहुंचे। जहां इन्होंने दिल्ली से आने की बात छिपाते हुए देहरादून से लौटने की बात कही। जिस आधार पर इन्हें डुंडा प्रखंड स्थित इनके गांव में 14 दिन तक होम क्वारंटीन किया गया। 21 जून को तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली से लौटे युवक का सैंपल जांच के लिए एम्स भेजा गया। जिसमें 23 जून को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

 एसडीएम आकाशी जोशी ने बताया कि युवक की ट्रैवल हिस्ट्री एवं कांटेक्ट हिस्ट्री खंगालने के दौरान पता चला कि उक्त युवक दिल्ली से लौटा था और देहरादून ने आने की गलत जानकारी देकर होम क्वारंटीन में रह रहा था। होम क्वारंटीन के दौरान उसके बस्ती में इधर-उधर घूमने की जानकारी मिली। इस आधार पर उक्त युवक और उसके भाई के खिलाफ तथ्य छिपाकर अन्य लोगों की जान खतरे में डालने एवं क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही गंगोत्री हाईवे पर स्थित इस गांव की बस्ती को कंटेनमेंट जोन बनाकर यहां आवाजाही पूर्णत: प्रतिबंधित कर दी गई है।


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में बनाए गए कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोविड को लेकर बेहद सतर्कता बरत रही है, जिससे जल्द स्थितियां नियंत्रण में आ जाएंगी।

इस कोविड सेंटर में कोविड-19 के मानकों के अनुसार सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। अभी इस सेंटर में 750 बेड की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस सेंटर की क्षमता को बढ़ाकर चार हजार बेड तक किया जा सकता है। सेंटर में ठहरने वाले लोगों के लिए सुरक्षात्मक दृष्टि से निशुल्क आवश्यक सामग्री की किट दी जाएगी। दिन में तीन टाइम के भोजन की व्यवस्था की गई है, जिसमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है। आयुष विभाग के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सेंटर में लोगों को ठहरने के लिए चार फ्लोर की व्यवस्था की गई है।

मेडिकल सुविधाओं के साथ ही योगा की सुविधा है। सुबह के समय एक्सपर्ट आनलाइन योगा और ध्यान की क्लास चलाते हैं। सेंटर में सैनिटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग, सीसीटीवी कैमरे एवं कोविड के मानकों के हिसाब से अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। फैमिली वार्ड अलग से बनाए गए हैं। सेंटर में मनोरंजन की अनेक सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के लिहाज से राज्य सरकार ने सुरक्षात्मक दृष्टि से हर संभव प्रयास किए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में कोविड के लिहाज से हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए हैं। शासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं ने भी इसके लिए सहयोग किया है।

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