Uttarakhand में 57 Corona के मरीज मिलने से 2401 हुए संक्रमित, 848 है एक्टिव केस





सोमवार को प्रदेश में 57 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2400 के पार पहुंच गई है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, हरिद्वार में 17, उधम सिंह नगर में 15, पौड़ी में 10, अल्मोड़ा में 11, देहरादून में एक, टिहरी में एक और नैनीताल में दो संक्रमित मरीज मिले हैं।इसे मिलाकर अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2401 पहुंच गई है। वहीं, प्रदेश में अब तक 1511 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि अभी भी 848 एक्टिव केस हैं। जबकि अब तक 27 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है ।


प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। 22 जून को कोरोना काल के 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस अंतराल में संक्रमित मामलों को लेकर कई उतार चढ़ाव आए। शुरूआत में जहां प्रदेश में सैंपल जांच की सुविधा न होने के बावजूद पहले सप्ताह में तीन संक्रमित मामले सामने आए थे। वहीं, सौ दिनों में संक्रमितों का आंकड़ा 2400 पार हो गया है। जबकि प्रदेश में 50 हजार कोरोना सैंपलों की जांच हुई है। 


प्रदेश में लॉकडाउन-4 के बाद से संक्रमित मामलों में तेजी आई है। जहां 18 मई से पहले 91 संक्रमित मामले थे। वहीं अब संक्रमितों की संख्या 24 सौ पहुंच गई है। इसी बीच संक्रमित मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी बढ़ी है। अब तक 1511 मरीज ठीक हो चुके हैं और 27 संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हुई है। वर्तमान में 848 सक्रिय मामले में है। प्रदेश में सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण की दर 4.77 प्रतिशत और रिकवरी दर 63 प्रतिशत है। 


प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के साथ ही सैंपलिंग को बढ़ाया है। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए पूरे प्रदेश में जिले स्तर पर 280 कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। वहीं, 17 डेडीकेट कोविड हेल्थ सेंटरों में ऑक्सीजन और डेडीकेट कोविड अस्पताल में आईसीयू बेड व वेंटीलेटर की व्यवस्था की गई। सैंपल जांच के लिए पांच सरकारी प्रयोगशाला स्थापित की गई हैं।


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड -19 की रोकथाम के लिए नैनीताल, यूएस नगर और पिथौरागढ़ जिले के लिए 7.50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। नैनीताल के जिलाधिकारी को तीन करोड़, यूएसनगर को 2.50 करोड़ तथा पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को दो करोड़ की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी की गई है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाएं। सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं हैं। बाहर से आने वाले लोगों की सुविधाओं व देखरेख में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। 

इससे पूर्व भी महामारी की रोकथाम एवं बचाव के साथ ही क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा पीड़ितों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के लिए नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर को तीन-तीन करोड़ तथा पिथौरागढ़ को दो करोड़ की धनराशि जारी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस महामारी से निपटने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसमें से 10 करोड़ पूर्व में स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जा चुकी है। बाकी 15 करोड़ की धनराशि भी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों के माध्यम से पूर्व में सभी ग्राम प्रधानों को 10-10 हजार की धनराशि दी थी। प्रदेश में गांव हो या शहर कोविड- 19 की रोकथाम के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं पर पूरा ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसी सहयोग एवं समन्वय से हम इस वैश्विक आपदा का सामना कर सकते हैं। इसके लिये जन जागरूकता के साथ जन सहयोग भी जरूरी है।

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