Uttarakhand में फूटा करोना बम, 89 संक्रमित मिलने से 1303 हुए मरीज




 जिसके बाद राज्य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1303 हो गई है। जिसमें से 423 ठीक हो चुके हैं। आज अल्मोड़ा में चार, देहरादून में 12, नैनीताल में सात, टिहरी में नौ, बागेश्वर में चार, चमोली और चंपावत में छह, हरिद्वार में 21, पिथौरागढ़ में 16, ऊधमसिंह नगर में तीन व उत्तरकाशी में एक केस सामने आए हैं।
राजधानी देहरादून में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को यहां एक निजी अस्पताल की चार स्टाफ नर्स कोरोना पॉजिटिव पाई गईं हैं। 

यह भी पढ़ें: Coronavirus: अब मालदेवता से संचालित होगी देहरादून की सब्जी मंडी, शासन ने दी अनुमति बताया गया कि इन्होंने कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का इमरजेंसी कक्ष में उपचार किया था। चारों स्टाफ नर्सों को दून अस्पताल लाया जा रहा है। स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने इन मामलों की पुष्टि की है। बता दें कि शुक्रवार को प्रदेश में 62 नए मामले मिले थे।


पांच दिन में ठीक होकर घर लौटे 304 कोरोना संक्रमित


उत्तराखंड में पिछले पांच दिनों में 304 कोरोना संक्रमित मरीज अपने घर लौटे हैं। इससे प्रदेश की रिकवरी दर में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1200 पहुंच गया है। अभी भी देहरादून, नैनीताल और टिहरी जिले में सबसे अधिक सक्रिय मामले हैं। 24 मई के बाद प्रदेश में पांच दिन की दर से संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी हुई है।

जिससे पिछले दो सप्ताह में संक्रमितों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। अब ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। 31 मई को प्रदेश में रिकवरी दर 12.72 प्रतिशत थी और 105 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया था। जबकि पांच जून को रिकवरी दर 25.77 प्रतिशत हो गई है और 309 मरीज ठीक हुए हैं। प्रभारी सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मामले बढ़ने के साथ ही प्रदेश में रिकवरी और डबलिंग दर भी बढ़ रही है।


प्रदेश में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले 33 हजार से अधिक लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। लगभग पांच सौ लोगों की संस्थागत क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद 14 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चार जून को प्रदेश में 33 हजार 942 लोग संस्थागत क्वारंटीन में रह रहे थे। शुक्रवार को लगभग पांच सौ लोगों को सात दिन की अवधि पूरी होने पर घर भेजा गया है। ये अब 14 दिन तक अपने घर में क्वारंटीन रहेंगे।

   

पुलना में ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को घेरा


जोशीमठ में फूलों की घाटी और घांघरिया के निरीक्षण के लिए जा रही नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन प्रभाग की दस सदस्यीय टीम का पुलना में ग्रामीणों ने घेराव कर आगे नहीं जाने दिया। ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि टीम घांघरिया में चिह्नित भवनों की सीलिंग के लिए जा रही है।

मामले में फूलों की घाटी वन बीट अधिकारी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी का उल्लंघन करने पर पूर्व ईडीसी अध्यक्ष दीपक चौहान व अन्य ग्रामीणों के विरुद्ध तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पांच जून को अपराह्न दो बजे वन विभाग की टीम गोविंदघाट होते हुए पुलना गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने टीम को घेर दिया।

इस दौरान सामाजिक दूरी का भी कोई पालन नहीं किया गया। थाने में दी तहरीर में वन बीट अधिकारी मनोज उनियाल ने कहा कि पूर्व ईडीसी अध्यक्ष दीपक चौहान के साथ ही अन्य ग्रामीणों की ओर से वन कर्मियों की पहचान मांगी गई और दल को फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क जैसे अतिसंवेदनशील वन क्षेत्र में जाने से रोका गया। इसके बाद टीम आधे रास्ते से ही लौट गई। वन बीट अधिकारी मनोज उनियाल ने इसके बाद गोविंदघाट थाने में संबंधित के खिलाफ तहरीर दी। थानाध्यक्ष एसएस नेगी ने कहा कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


कोटद्वार में कोतवाली पुलिस ने एक पिकअप वाहन में पांच लोगों को बैठाकर बिना पास के अवैध रूप से कोटद्वार में प्रवेश कर लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर वाहन चालक सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।


एसएसआई प्रदीप नेेगी ने बताया कि पांच जून को एक पिकअप में उत्तर प्रदेश के पांच लोगों को बैठाकर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के शहर में घुस गया।

इसमें वाहन चालक भोलूपाल निवासी दामोदर नगर आलमबाग लखनऊ उत्तर प्रदेश, अर्पण श्रीवास्तव निवासी सुभाषनगर बाराविरवा आलमबाग लखनऊ, विनय कुमार वर्मा निवासी रेलवे कालोनी आलमबाग लखनऊ, संजय बाबा लालागिरी निवासी कासगंज लखनऊ, अक्षय निवासी मोती महलपुर राधेश्याम नगर लखनऊ और रमेश निवासी काशीरामपुर तल्ला कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल के खिलाफ धारा-188 आईपीसी और 51 (बी) आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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