Uttarakhand में Corona के 43 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या हुई 2344




रविवार को प्रदेश में 43 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2344 पहुंच गई है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, अल्मोड़ा में एक, चमोली में छह, देहरादून में चार, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में तीन-तीन और टिहरी में छह केस सामने आए हैं।


प्रदेेश में कोरोना से जंग लड़ रहे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं। अब तक 60 से अधिक डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। शनिवार को टिहरी जिले में तीन और स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना संक्रमण मिला था। 

बाहरी राज्यों से लौटे लोगों में कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। 15 मार्च को प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला आया था। तब से अब तक प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 2300 से ज्यादा हो गई है। एम्स ऋषिकेश में कार्यरत एक नर्सिंग ऑफिसर में पहला कोरोना केस मिला था। तब से अब तक 60 से अधिक डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। 

अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोटोकाल का पालन करने और सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मरीजों का इलाज करने के साथ ही सैंपल लेने का कार्य कर रहे हैं। जिसमें थोड़ी सी चूक से संक्रमण होने का खतरा रहता है।


प्रदेश में कोविड सैंपलों की जांच में तेजी लाने के लिए सरकारी मेडिकल कालेजों में स्थापित प्रयोगशालाओं में 24 घंटे सैंपल टेस्ट किए जाएंगे। चिकित्सा शिक्षा निदेशक एवं अपर सचिव युगल किशोर पंत ने मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को चौबीस घंटे सैंपल टेस्ट करने के निर्देश दिए हैं। 

शनिवार तक प्रदेश में 47500 कोरोना सैंपलों की अब तक जांच की गई है। इसमें 2278 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। वहीं, चार हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए प्रतीक्षा में है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब राजकीय मेडिकल कॉलेज दून, हल्द्वानी और श्रीनगर में 24 घंटे सैंपल जांच की जाएगी।

टेस्टिंग के लिए कर्मचारियों की कमी है तो आउटसोर्स के माध्यम से कर्मी तैनात किए जाएंगे। शिफ्ट में काम करने के लिए अलग से टीम बनाई जाएगी, ताकि लैब में चौबीस घंटे जांच का काम हो सकें।


कोरोना काल में सबसे संवेदनशील माने जाने वाले बुजुर्गों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की गई है। पहले चरण में यह हेल्पलाइन हरिद्वार जिले के उन बुजुर्गों की मदद के लिए खोली गई है, जिन्हें भोजन, स्वास्थ्य और इलाज की जरूरत है।

ऐसे बुजुर्गों को मदद के लिए 7528518030 नंबर पर सुबह नौ बजे से सात बजे के मध्य फोन करना होगा। यह प्रयोग कामयाब रहा तो हेल्पलाइन की सुविधा प्रदेश के लाखों बुजुर्गों को उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल हेल्पलाइन से रोज 50 बुजुर्ग फोन कर मदद प्राप्त कर रहे हैं।

हरिद्वार के समर्थ एल्डर केयर, वरिष्ठ नागरिक मंच और जयपुर की जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयासों से यह हेल्पलाइन शुरू की गई है। कुछ दिनों पूर्व जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने हेल्पलाइन का आनलाइन उद्घाटन किया था। इसमें उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति एम.के. मित्तल, पूर्व निदेशक, भेल और संरक्षक, वरिष्ठ नागरिक मंच, जगदीश पाहवा, संरक्षक, वरिष्ठ महासभा, हरिद्वार ने भी अपनी भागीदारी निभाई।

विश्वविद्यालय की मदद से हेल्पलाइन का प्रयोग राजस्थान में कामयाब हो चुका है। वहां भी पहले एक जिले में इस सेवा को शुरू किया गया था। अब यह पूरे प्रदेश में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। हेल्पलाइन पूरी तरह से जेकेएलयू संकाय, कर्मचारियों, छात्रों और पूर्व छात्रों की एक टीम द्वारा संचालित की जा रही है। विवि के कुलपति जेके लक्ष्मीपत के मुताबिक, कोरोनो वायरस से बुजुर्ग लोगों में संक्रमण का डर अधिक है। इसीलिए हमने जयपुर में अपनी हेल्पलाइन शुरू की और पूरे राजस्थान में इसे बढ़ाया। हमारा उद्देश्य उन बुजुर्गों की सेवा करना है जिन्हें कोविड-19 संक्रमण का खतरा है। इस हेल्पलाइन से हम उन्हें भोजन और चिकित्सीय सहायता की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

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