मंगलवार को Uttarakhand में 69 नए संक्रमित मिले, 3200 पार पहुंची मरीजों की संख्या



इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 3200 पार पहुंच गई है। आज 35 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की हैस्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, अल्मोड़ा और चंपावत में दो-दो मामले सामने आए हैं। देहरादून में 18(चार प्राइवेट लैब) केस, हरिद्वार में सात, नैनीताल में पांच, पौड़ी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में तीन-तीन, ऊधमसिंह नगर में सबसे ज्यादा 25 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। टिहरी में एक मामला सामने आया है।मंगलवार को आए मरीजों को मिलाकर अब कुल मरीजों की संख्या 3230 हो गई है। बता दें कि अब तक प्रदेश में 2621 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अभी भी 538 एक्टिव केस हैं। जबकि अब तक 43 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है।


प्रदेश में कोरोना महामारी पर थोड़ा नियंत्रण होने के बाद अब सरकार डेंगू, मलेरिया समेत मानसून सीजन में होने वाली अन्य बीमारियों के इलाज पर जोर दे रही है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग और सरकार का पूरा फोकस कोरोना महामारी की रोकथाम पर है। 

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामलों में कमी आई है। मानसून सीजन शुरू होने से डेंगू, मलेरिया, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, एनीमिया, कैंसर, हृदय रोग, डायलिसिस समेत अन्य सामान्य बीमारियों का सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज करने पर विभाग का फोकस है। 10 जुुुलाई को प्रदेश के सभी सीएमओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर कोरोना के साथ अन्य बीमारियों के इलाज को लेकर शासन की ओर से दिशा निर्देश दिए जाएंगे। 

सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में अन्य बीमारियों का इलाज मुहैया कराया जाएगा। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं होगी।


होम्योपैथिक विभाग की ओर से मंगलवार को आईटीबीपी सीमाद्वार में जवानों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आर्सेनिक अल्बा दवा वितरित की गई। यहां चिकित्सकों ने जवानों को कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी दी।

होम्योपैथिक निदेशक डॉ.राजेंद्र सिंह की अगुवाई में विभाग की टीम ने आईटीबीपी जवानों और उनके परिवार के लोगों के लिए दो हजार आर्सेनिक अल्बा-30 दवा का वितरण किया। निदेशक ने बताया कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह दवा काफी फायदेमंद है। इससे कई गंभीर बीमारियां भी ठीक हो जाती है। आईटीबीपी के डीआईजी केपी सिंह ने होम्योपैथिक विभाग की ओर से निशुल्क दवा वितरित करने के कार्य की सराहना की गई।

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